साधु–वैष्णव सेवा हेतु दान
भक्ति, कृपा और पुण्य का अमूल्य अवसर
साधु–वैष्णव वे महापुरुष होते हैं जिनका जीवन पूर्णतः श्रीहरि की सेवा, हरिनाम-स्मरण और जीवों के कल्याण के लिए समर्पित होता है। उनकी सेवा करना स्वयं भगवान श्रीकृष्ण की सेवा के समान माना गया है।
आपके द्वारा किया गया दान साधु–वैष्णवों के अन्न, वस्त्र, औषधि, आश्रय, ग्रंथ-सेवा एवं नित्य भजन-साधना में उपयोग किया जाता है। यह दान केवल भौतिक सहायता नहीं, बल्कि आपके हृदय में शुद्ध भक्ति के बीज को सींचने का माध्यम है।
शास्त्रों में कहा गया है कि “वैष्णव सेवा से भगवान अत्यंत प्रसन्न होते हैं।”
जो श्रद्धा और विनय से वैष्णवों की सेवा करता है, उसके जीवन से दुख, अशांति और पाप स्वतः दूर हो जाते हैं।
आज के कलियुग में, जब सच्चे साधु–वैष्णव सरल जीवन जीते हुए धर्म और भक्ति का प्रचार कर रहे हैं, आपका दान उनकी साधना को बल देता है।
आपका छोटा सा योगदान भी अनंत पुण्य और भगवत् कृपा का कारण बनता है।
